Bibliography Reference Citation





Bibliography, Reference और Citation क्या है? । बहुत से छात्रो को Post Graduation या M.Phil मे Dissertation, Project Report, Research Paper, Technical Report, Tour Summary आदि बनाना होता है। तो इन सभी को बनाने हेतु सबसे मत्वपूर्ण भाग होता है Bibliography, Reference और Citation का। किसी भी प्रकार के scholarly content मे इन तीनों मे से कोई एक न एक को जरूर इस्तेमाल करना होता है।

Bibliography (ग्रंथसूची), Reference (संदर्भ) और Citation क्या है?

Bibliography (ग्रंथसूची) पुस्तक या लेख का वह कृति (या प्रकाशन) जिसमें ग्रंथों की सूची दी गई हो। ये ग्रंथ किसी एक विषय से संबंधित हों, किसी एक समय में प्रकाशित हुए हों या किसी एक स्थान से प्रकाशित हुए हों। ग्रंथ का बाह्य रूप में प्रत्येक प्रकार का अध्ययन, जिससे ग्रंथ के इतिहास, निर्माण आदि का ज्ञान हो, सम्मिलित किया जाता है। इस प्रकार कागज की निर्माणविधि, मुद्रणकला का इतिहासविकास, चित्रों के मुद्रण की विविध पद्धतियाँ, ग्रंथ के निर्माणकाल में की जानेवाली विविधि क्रियाएँ आदि सभी बातें ‘ग्रंथसूची’ शब्द के अंतर्गत आ जाती हैं।

जब भी आप किसी और के द्वारा लिखित कार्य (पूर्णा रूप से या आंशिक रूप से) को अपने विद्वतापूर्ण लेख मे शामिल कर रहें है या किसी और के शब्दों या विचारों का उपयोग करें तो आपको उन्हें संदर्भित करना होगा। आपको अपने लेख मे और अपने लेख के अंत (संदर्भ सूची) दोनों में, सभी स्रोतों पर Bibliography या Reference मे शामिल करने की आवश्यकता है।

Bibliography, Reference और Citation में किस तरह की जानकारी शामिल होनी चाहिए?

Bibliography, Reference और Citation हेतु Books, research articles and journals ही केवल सूचना के स्त्रोत नहीं है। किसी भी प्रकार के ideas या information के किसी भी स्रोत को संदर्भित करने की आवश्यकता होती है। निम्नलिखित स्रोत हैं जिन्हें जरूर संदर्भित किया जाना चाहिए।

  • Journal articles
  • Books
  • Newspapers
  • Magazines
  • Online discussion forums
  • Websites
  • Brochures
  • Interviews
  • Documentaries
  • किसी भी स्रोत से पुनर्मुद्रित Images, Photos, Diagrams, Graphis, Charts आदि

Bibliography (ग्रंथसूची), Reference (संदर्भ) और Citation देना क्यू जरूरी है?

  • सफल शोध के लिए महत्वपूर्ण है: किसी भी प्रकार के शोध को सफल बनाने हेतु Bibliography, Reference और Citation का होना बहुत जरूरी है, इनहि से शोध की गुड़वत्ता और साहित्य की समीक्षा का पता चलता है।
  • पाठक को मूल स्रोत खोजने में मदद करते हैं: कोई भी पाठक अगर चाहे तो वह Bibliography, Reference और Citation के द्वारा आर्टिक्ल के मूल स्त्रोत तक पहुच सकता है।
  • लेखन कौशल में सुधार करता है: Bibliography, Reference और Citation को बनाने हेतु लेखक को विभिन्न प्रकार के Books, Research Articles, Online Databases आदि को देखना और पढ़ना पड़ता है, फलस्वरूप लेखक को विभिन्न प्रकार के पाठन सामाग्री को पढने की आदत पड़ती है। पढ़ने से स्वतः गुणवत्ता लेखन कौशल में सुधार होगा।
  • आपके लेख में प्रामाणिकता का प्रभाव पड़ता है: Bibliography, Reference और Citation होने से article के प्रमाणिता बढ़ती है। इससे यह पता चलता है की लेखक ने विभिन्न प्रकार के पाठन सामाग्री का आध्यान किया है और उसके आधार पर यह लेख लिखा है। इसीलिए गुणवत्ता अनुसार Bibliography, Reference और Citation करिए जिससे लेख की गुणवत्ता और प्रमाणिता भी बढ़े।
  • यह दर्शाता है की व्यापक रूप से पढ़ने के बाद लिखा गया है या विषय के बारे में अपनी समझ दिखाता है: Bibliography, Reference और Citation की संख्या यह प्रतिबिम्बित करती है की व्यापक रूप से विभिन्न प्रकार के पाठन सामाग्री के आध्यान के बाद लेख को लिखा गया है।
  • Plagiarism से बचाता है: आज कल Plagiarism यानि साहित्य चोरी को पकड़ने के लिए विभिन्न प्रकार के software आगाए है। जिनकी मदद से कोई भी बता सकता है की लिखे गए लेख मे कितना orignal है कितना विभिन्न resources से copy किया गया है। अगर हम अपने लेख मे किसी दूसरे के लेख से कुछ copy भी करते है तो उसका Bibliography, Reference और Citation वर्णन करना जरूरी है। दूसरे के लेख या किसी भी प्रकार के लेखनी को Bibliography, Reference और Citation के रूप मे वर्णित करने को एक तरीके से दूसरे को acknowledgement (अभिस्वीकृति) देने जैसा है और भविष्य मे किसी भी प्रकार के होने वाले plagiarism विवाद से भी बचाता है।
  • आपके तर्कों और विचारों के लिए सहायक साक्ष्य देता है: ऐसा नहीं है की हम जो भी लेख लिख रहें है वो केवल खयाली पुलाव पकाने जैसा हो, तो लेखन को सिद्ध विचार और तर्को को उचित ठहरने हेतु दूसरे के कार्य को भी Bibliography, Reference और Citation के रूप मे वर्णन करना जरूरी होता है। यह लेखन को एक साक्ष्य के रूप मे प्रस्तुत करता है।



Referencing Styles के प्रकार।

दुनिया भर में कई अलग-अलग संस्थाओ/ प्रकाशन समूहो मे कई प्रकार के Referencing Styles (संदर्भ शैलियों) का उपयोग किया जाता है इसलिए आपको अपना लेखन सुरू करने से पहले यह जरूर सुनिचित करे की लेखन मे किस प्रकार के Referencing Styles (संदर्भ शैलियों) प्रणाली का उपयोग करना है। दुनिया भर मे मुख्य रूप से इस्तेमाल होने वाले Referencing Styles इस प्रकार है:

  • Modern Language Association (MLA):

Modern Language Association संस्था द्वारा प्रकाशित किया गया है, जो संयुक्त राज्य अमेरिका में स्थित है। संगठन के अनुसार, उनकी शैली को व्यापक रूप से कक्षा निर्देश के लिए बनाया गया है और विद्वानों, पत्रिका प्रकाशकों, और अकादमिक और वाणिज्यिक संगठनों द्वारा दुनिया भर में उपयोग किया जाता है। MLA हैंडबुक और MLA स्टाइल मैनुअल पहले एक स्लिम बुकलेट के नाम थे, जिसका शीर्षक MLA स्टाइल शीट था, जिसे पहली बार 1951 में प्रकाशित किया गया था और 1970 में संशोधित किया गया था।

उदाहरण: Author’s last name, first initial. (Publication date). Book title. Additional information. City of publication: Publishing company.

Allen, T. (1974). Vanishing wildlife of North America. Washington, D.C.: National Geographic Society.

  • American Psychological Association (APA):

APA referencing style की सुरुवात 1923 Journal Publishing से हुई। 1929 में, APA कमेटी ने Psychological Bulletin में सात-पेज के लेखक का Referencing Style के गाइड प्रकाशित किया था। APA Referencing Style का पहला संस्करण 1952 में Psychological Bulletin के 61 पृष्ठ के पूरक के रूप में प्रकाशित हुआ था, जिसने एक मान्यता प्राप्त APA Referencing Style की शुरुआत को चिह्नित किया था।

उदाहरण: Author’s last name, first initial. (Publication date). Book title. Publisher.

Goodpaster, K. E., Nash, L. L., & de Bettignies, H. (2006). Business ethics: Policies and persons (3rd ed.). McGraw-Hill/Irwin

Chicago Manual of Style अमेरिकी प्रेस के लिए एक स्टाइल गाइड है जो 1906 से शिकागो प्रेस विश्वविद्यालय द्वारा प्रकाशित किया गया था। इसके 17 संस्करणों ने लेखन और प्रशस्ति पत्र शैलियों को व्यापक रूप से प्रकाशन में उपयोग किया है। यह संयुक्त राज्य अमेरिका में सबसे व्यापक रूप से इस्तेमाल और सम्मानित स्टाइल गाइड में से एक है। यह Referencing style विशेष रूप से अमेरिकी अंग्रेजी पर केंद्रित है और व्याकरण का उपयोग, साथ ही दस्तावेज तैयार करने और प्रारूपण सहित संपादकीय अभ्यास के पहलुओं से संबंधित है।

उदाहरण: Author’s last name, first initial. Book title, Page range. City of publication: Publishing company, Year of Publication.

Grazer, Brian. A Curious Mind: The Secret to a Bigger Life. New York: Simon & Schuster, 2015.



  • Harvard Referencing Style:

Parenthetical Referencing, जिसे Harvard referencing के नाम से भी जाना जाता है, एक citation शैली है जिसमें आंशिक उद्धरणों को कोष्ठकों के भीतर संलग्न किया जाता है और लेख में जुड़ा होता है, या तो एक वाक्य के भीतर या बाद में। सभी citations को लेख के अंत वे वर्णानुक्रम सूची के साथ Reference, Reference List, Works Cited, या end-text citations के नाम के साथ Bibliography के रूप मे वर्णित किया जाता है।

  • Others । अन्य:

पूरी दुनिया मे लगभग सबसे ज्यादा प्रयोग होने वाले यही तीन Referencing Styles है, बाकी और भी कई सारे Referencing Styles है जो की बहुत सारे संस्थान या publishers इस्तेमाल करते है जैसे की Vancouver, OSCOLA, IEEE, AMA, ACS, NLM, AAA, APSA, GOST, आदि।

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धन्यवाद!



12 thoughts on “Bibliography Reference Citation”

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